अनोखी शादी : 1 दूल्हा,2 दुल्हन एक ही मंडप में एक साथ रचाई शादी ! हजारो लोग मौजूद रह गए दंग – Special Marriage in Rajasthan

अनोखी शादी : 1 दूल्हा,2 दुल्हन एक ही मंडप में एक साथ रचाई शादी ! हजारो लोग मौजूद रह गए दंग – Special Marriage in Rajasthan

Special Marriage in Rajasthan

बांसवाड़ा राजस्थान से एक नई अनोखी खबर सामने आ रही है जहां पर कई वर्षों पुरानी परंपरा के चलते एक दूल्हे ने दो दुल्हनों से एक ही मंडप में शादी करी ! यह अनोखा मामला देखने को मिला हजारों लोगों की भीड़ के सामने यह शादी संपन्न हुई आखिर क्या है पूरा मामला हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं !

 आपको बता दें राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र में दो दुल्हनों ने अपनी पसंद के लड़के से एक ही मंडप में शादी की सभी रस्में निभाई और शादी संपन्न की ! इस अनोखी शादी को देखने के लिए हजारों की संख्या में जमा थे और लोग दंग रहे गए कि आखिर यह हो क्या रहा है दोनों दोनों ने और दुल्हन और वापसी परिवार के सहमति के बाद यह शादी संपन्न की !

Special Marriage in Rajasthan
Special Marriage in Rajasthan

 यहां आपको बता दें कि बांसवाड़ा जिले में आदिवासी परंपरा के लोग रहते हैं आदिवासी परंपरा के अनुसार ही यह शादी संपन्न हुई सभी रस्में अदा करी गई दरअसल बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र में रहने वाले कमलेश डामोर एक दुल्हन से करीब 20 साल पहले से अफेयर चल रहा था साथ में रह रहे थे ! वहीं दूसरी दुल्हन के साथ भी वह 9 साल से रिश्ते में था जिसकी जानकारी दोनों को आपस में थी ! डामोर जनजाति में प्रचलित प्रथा के अनुसार वह पहली बीवी को घर लाकर 20 साल से रह रहा था ! जब वह बालिग हो गया तो उसने दूसरी लड़की से प्यार किया और उससे भी अपने साथ लेकर रहने लगा लेकिन वह शादी नहीं कर पाया था क्योंकि आर्थिक रूप से तंग था ! आपको बता दें दोनों दुल्हनों से की 8 साल की बेटी और दूसरी से 6 साल का बेटा भी कमलेश डामोर को है ! बिना शादी के अब तक वह कई सालों से रह रहे थे अब आर्थिक स्थिति ठीक होते ही अपने परिवार की स्थिति को आगे बढ़ाते हुए अब दोनों के साथ एक ही मंडप में कमलेश डामोर ने शादी रचाई है !

 नातरा प्रथा क्या है

 नाथरा प्रथा आदिवासी में प्रचलित है राजस्थान के बांसवाड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं ! नातरा प्रथा के अनुसार युवक युवती आपसी रजामंदी से एक दूसरे के साथ बिना शादी के जीवन यापन कर सकते हैं ! यह प्रथा आदिवासी क्षेत्रों में बड़े लंबे समय से चली आ रही है आज भी आदिवासी क्षेत्र बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, उदयपुर इन जिलों में यह प्रथा देखने को मिलती है जिसे आजकल की भाषा में लिव-इन रिलेशनशिप कहा जाता है !

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